मुंबई, 1 जनवरी (आईएएनएस)| नोटबंदी के बाद बैंक में बड़ी मात्रा में जमा हुई राशि के बाद सरकार के स्वामित्व वाली भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने रविवार को अपनी विभिन्न परिपक्वता अवधि की बेंचमार्क ऋण दरों में 0.9 फीसदी की कटौती की घोषणा की। देश के सबसे बड़े कर्जदाता ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 90 बेसिक अंकों की कटौती की। एमसीएलआर के 100 बेसिक अंक एक फीसदी ब्याज दर के बराबर होते हैं।
बैंक इसी एमसीएलआर के आधार पर ऋण दर तय करती हैं और इस रेट को साल में सिर्फ एक बार ही बदला जा सकता है।एसबीआई ने एक दिन के कर्ज के लिए ब्याज दर 8.65 प्रतिशत से घटाकर 7.75 प्रतिशत कर दी है। एक महीने के कर्ज के लिए ब्याज दर 7.85 फीसदी और तीन महीने के कर्ज के लिए ब्याज दर 7.9 फीसदी और छह महीने के कर्ज के लिए ब्याज दर 7.95 फीसदी कर दिया गया है।एसबीआई ने एक वर्ष की अवधि के लिए ऋण दर 8.9 फीसदी से घटाकर 8.0 फीसदी कर दिया है।अन्य परिपक्वता अवधि के कर्जो पर भी ब्याज दरें कम की गई हैं और नई ब्याज दरें रविवार से लागू कर दी गई हैं।अनुमानत: आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद से बैंकों में 14.9 लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं।उल्लेखनीय है कि एसबीआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को नववर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में बैंकों से गरीबों, निम्न मध्यम वर्गो और मध्यम वर्गो के हित में काम करने का आह्वान करने के अगले ही दिन ब्याज दर में यह कटौती की घोषणा की है।सरकार के स्वामित्व वाली आईडीबीआई बैंक ने भी रविवार को अपने एमसीएलआर में 30-60 बेसिक अंकों की कटौती की घोषणा की है।आईडीबीआई बैंक ने कहा कि विभिन्न परिपक्वता अवधि के लिए एमसीएलआर के बेसिक अंकों में 30 से 60 अंकों की कटौती की गई है, जो रविवार से लागू कर दिया गया है।--आईएएनएस
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